Ayurvedic Medicine for fatty liver

हरड़, बहेड़ा, ऑवला, , सोंठ, मिर्च, पीपल, चित्रक- मूल, वायविडंग २ ।।- २ ॥ तोला, नागरमोथा १ ॥ तोला, पीपलामूल, देवदारु, दारुहल्दी, दालचीनी, चव्य- प्रत्येक १-१ तोला, शुद्ध शिलाजीत, स्वर्णमाक्षिक भस्म, रौप्यभस्म, लौह भस्म- प्रत्येक १००- १० तोला, मण्डूर भस्म २० तोला, मिश्री ३२ तोला- सबको बारीक पीसकर छान लें। – आ.प्र. मात्रा और अनुपान-

पंचकर्म

वर्तमान समय एक व्यस्तथ आधुनिक मशीनी युग बन गया है। जिसके कारण लोगों की जीवनचर्या में मूलभूत परिवर्तन हुए हैं जिसमें आहार सम्बन्धी जैसे फास्ट फूड, डिब्बा बंद भोजन, उच्च कैलोरी युक्त भोजन, अतिशीत भोजन ग्रहण तथा शारीरिक श्रम एकदम अल्प हो गया है। अर्थात् वर्त्तमान युग में शारीरिक श्रम कम तथा मानसिक श्रम अधिक